मजनूं और ऊंटनी का किस्सा और उससे मिलने वाली सीख

मजनूं और ऊंटनी का किस्सा: रूह बनाम शरीर:

इस्लामी वाक़ियात में एक मशहूर किस्सा आता है। जब मजनूं को खबर मिली कि लैला आ रही है, तो वह उसके स्वागत के लिए निकला। उसने एक ऊंटनी पर सवारी की और उसका बच्चा घर पर ही छोड़ दिया। रास्ते में ऊंटनी का मन अपने बच्चे की तरफ खिंच रहा था, जबकि मजनूं लैला की तरफ बढ़ना चाहता था।

मजनूं जब ज़रा सा ग़ाफ़िल होता तो ऊंटनी तुरंत पलटकर पीछे की तरफ लौटने लगती। मजनूं का दिल लैला के इश्क़ में इतना डूबा था कि ऊंटनी की यह हरकत देखकर वह बेहोश हो जाता। इंसान की अक्ल उसके कामों की निगरानी करती है, लेकिन मजनूं तो इश्क़ में बेकल और बेसुध हो चुका था।

कुछ देर तक यह खींचातानी चलती रही। आखिरकार मजनूं ने सोचा कि दो विपरीत दिशाओं के चाहने वाले एक साथ सफर नहीं कर सकते। ऊंटनी अपने बच्चे की तरफ खिंच रही थी और वह लैला की तरफ। नतीजतन, मजनूं ने ऊंटनी को छोड़ दिया और खुद पैदल लैला की तरफ चल पड़ा।

आत्मा और शरीर की ख्वाहिशें
इस किस्से से एक बड़ी सीख मिलती है। इंसान का शरीर जमीन की तरफ झुकाव रखता है, जबकि आत्मा की उड़ान ऊपर आसमान की तरफ होती है। जब तक इंसान आत्मा को शरीर से अलग नहीं करेगा, वह अपने असली मकसद को नहीं पा सकेगा।

हकीम सनाई का कथन है कि अल्लाह का इश्क़ लैला के इश्क़ से कम नहीं है। जब मजनूं लैला के लिए ऊंटनी को छोड़ सकता है, तो इंसान अल्लाह के लिए अपने जिस्मानी लालच और ख्वाहिशें क्यों नहीं छोड़ सकता?

खुदा का रास्ता और हमारी जिम्मेदारी
अल्लाह के रास्ते का यात्री बनो और उसकी राह में संघर्ष करते हुए आगे बढ़ो। कोशिश तुम्हारी जिम्मेदारी है, और जब तुम पहला कदम बढ़ाते हो, तो अल्लाह खुद तुम्हारे लिए राह आसान कर देता है। यह अल्लाह का खास करम है, जो हर किसी को नहीं मिलता। यह वही नूरी खजाना है जो हज़रत मोहम्मद सल्लालहु अलैहि वसल्लम और उनके सच्चे वारिसों को मिला है।

हमें क्या सीख मिलती है?

इस इस्लामी वाक़िया से हमें सिखने को मिलता है कि आत्मा और शरीर की ख्वाहिशें एक साथ नहीं चल सकतीं। अगर इंसान अपने शरीर की इच्छाओं में खोया रहेगा तो वह कभी भी अल्लाह के सच्चे इश्क़ तक नहीं पहुँच पाएगा। असली काम यह है कि इंसान खुदा के लिए अपने नफ़्स (जिश्मानी चाहत) को छोड़कर आत्मा की उड़ान को अपनाए।

Leave a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Scroll to Top